झारखंड में  डीएफओ ऑफिसर (DFO Officer Kaise Bane) पूरी जानकारी

आज सभी युवा  का सपना होता है  की एक सरकारी नौकरी लेना का  तो चलिए में अपको बताता हूं कि आप झारखंड में डीएफओ officer कैसा बने (Jharkhand mein DFO officer Kaise Bane) ,  क्या qualification है, क्या syllabus होता है क्या सैलरी होता है, क्या कार्य होता है,क्या exam pattern होता है|क्या उपलब्धियां  मिलती है, और आपको डीएफओ बनने के लिया  कोना  सा एग्जाम दे  सकते , इन सभी चीजों के बारे इस आर्टिकल के माध्यम से जिक्र करेंगे इसलिए इस आर्टिकल को आप ध्यान से और अंत जरूर पढ़ें।

अगर आप झारखण्ड वन अधिकारी बनना चाहते है तो आपका शारिरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है व आपका फिटनेस होना भी जरुरी है उसके बाद उम्मीदवारों का शारिरिक परीक्षण लिया जाता है उसमे उतीर्ण होना भी अनिवार्य है अन्य उस उम्मीदवार की नियुक्ति रद्द की जा सकती हैं

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Jharkhand mein DFO officer kaise bane

झारखंड में डिविशनल फारेस्ट ऑफिसर DFO officer Kaise Bane? – How To Become DFO in Jharkhand

आप झारखण्ड में  डीएफओ आफिसर बनना चाहते हैं तो में अपको बता दू की किसी भी राज्य में पर्यावरण के संरक्षण के लिए डीएफओ ऑफिसर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। डीएफओ officer एक सरकारी पद है। डीएफओ ऑफिसर आप जेपीएससी एग्जाम दे के या यूपीएससी में IFS की परीक्षा  देकर बन सकते हैं। जेपीएससी एग्जाम राज्य  लोकसभा द्वारा आयोजित किया जाता है और यूपीएससी एग्जाम  लोकसभा द्वारा आयोजित किया जाता है।

झारखंड में डीएफओ  का फुल फॉर्म (DFO Full Form) क्या होता है

डीएफओ का फूल फॉर्म divisional forest officer होता है और हिंदी मे   डीएफओ को प्रभागीय वन अधिकारी भी कहते है। DFO झारखण्ड वन सेवा का बहुत ही महत्वपूर्ण  पद होता है। डीएफओ को कई राज्यों में DCF (Deputy  Conservator of Forests )भी कहा जाता है।

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झारखंड में DFO ऑफीसर क्या होता  है? – What is DFO officer

झारखंड में प्रभागीय वन अधिकारी का मुख्य रूप से वन संसाधनों और वन में मौजूद जानवरों का संरक्षण करने की जिम्मेदारी होती है इसके अलावा वन प्रभाग में जितने भी कर्मचारी कार्य करते है उनका नेतृत्व और उन पर नियंत्रण करना भी DFO अफसर  की  होती है।

जिस तरह पुलिस अधीक्षक जिले में कानून व्यवस्था को बनाये रखने और जिले में शांतिकायम  रखने का कार्य करते है वैसा उसी तरह प्रभागीय वन अधिकारी वनों और वन्यजीवों को संरक्षित रखने के लिए उत्तरदायी होते है।  और  प्रभागीय वन अधिकारी की जिम्मेदारी वहां और भी अधिक बढ़ जाती है जहाँ वन क्षेत्र काफी ज्यादा है और अधिकांश जनजातियों वनों पर आश्रित रहती है।

झारखंड में डीएफओ officer बनने के लिए क्या क्वॉलिफ़िकेशन चाहिए? DFO Officer Qualification in Hindi

  • कैंडिडेट को 12 पास होना अनिवार्य है।
  • ग्रेजुएशन का डिग्री होना अनिवार्य है और साथ ही साथ किसी भी सब्जेक्ट्स से ग्रेजुएशन होना चाहिए जैसे:– प्राणी विज्ञान, भूविज्ञान, सांख्यिकी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन आदि मे से किसी एक विषय में स्नातक पास होना अनिवार्य हैं। ( अथवा चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़े विषय में स्नातक होना जरुरी है) तो आप डीएफओ का फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं।

ारखंड में डीएफओ बनने के लिए क्या आयु सीमा (Age limit) है? – DFO Age Requirement?

डीएफओ ऑफिसर बनने के लिए candidate न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए।

  • OBC category :–ओबीसी वर्ग के लिए तीन वर्ष की छूट दी गई है
  • Sc/st category:– एसटीएससी वर्ग के लिए पाँच वर्ष की छूट दी गई है।

ारखंड में  डीएफओ बनने  के लिए  क्या Exam Pattern होता है? DFO Exam Level in Hindi

एग्जाम तीन लेवल होता है:–

  1. Preliminary Exam (प्रारंभिक परीक्षा):इस पेपर में दो सब्जेक्ट होते है जनरलस्टडीज, जनरल एप्टीट्यूड इससे 200 क्वेश्चन्स पूछे जाते हैं जो 400 मार्क्स का होता है आपको 2 घंटे का समय मिलता है और 33 परसेंट इस परीक्षा में लाना अनिवार्य होता है।
  2. Mains exam(मुख्य परीक्षा):–इस पेपर में 8 सब्जेक्ट होते है General knowledge, generalEnglish, General hindi और 2 optional subjects etc इसमें 1400 मार्क्स के क्वेश्चंस पूछ जाते है। जो अपको 3 घंटे का समय मिलता है इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है।
  3. Interview exam( साक्षात्कार परीक्षा):–या पेपर अंतिम चरण का होता है जब आप लिखित परीक्षा और मुख्य परीक्षा पास कर लेंगे तो आप को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है जो आपसे कुछ ऑफिसर प्रश्न पूछेंगे जैसे अपने क्षेत्र और राज्य के वन विभाग के बारे में आपको उसका उत्तर देना होता है।

झारखंड में DFO officer बनने के लिए क्या सिलेबस होता हैं? – DFO Officer Exam Syllabus

Preliminary syllabus:–इसमें दो पेपर होते है:–

  1. General Awareness:–यह पहला पेपर होता है जिसमें सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं।
  2. Civil Services Aptitude Test:–यह दूसरा पेपर होता है जिसमें रीजनिंग, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।

दोनों पेपर दो घंटे का और 200 – 200 marks होता है। याहनिकी IFS Preliminary Exam कुल 400 marks का और चार घंटे का होता है।  इस एग्जाम को Hindi और English दोनों भाषाओं में दिया जा सकता है।

Mains syllabus:–इसमें 8 सब्जेक्ट होते हे:–

  1. General studies1:–इसमें आपसे भारत और राष्ट्रीय, आंदोलन का इतिहास वर्तमान घटनाएं (राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय) भारत और विश्व का भूगोल भारतीय राजव्यवस्था आर्थिक और सामाजिक विकास सामान्य विज्ञान से क्वेश्चंस पूछे जाते है।
  2. General Studies 2:– इसमें आपसे कॉम्प्रिहेंशन पारस्परिक कौशल और संचार कौशल लॉजिकल रीजनिंग और विश्लेषणात्मक क्षमता प्राथमिक गणित (अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति और सांख्यिकी) सामान्य अंग्रेजी दसवीं कक्षा तक की सामान्य हिंदी से क्वेश्चंस पूछे जाते हैं।
  3. General hindi:– इसमें आपसे हिंदी वर्णमाला, विराम चिन्ह संधि, समास क्रियाएं , शब्द त्तसम एवं तद्भव देशज विदेशी (शब्द भंडार) विलोम शब्द पर्यायवाची अर्थबोध मुहावरे एवं लोकोक्तियां से क्वेश्चंस पूछे जाते है।
  4. निबंध:– इसमें आपसे साहित्य, संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, राजनीतिक घटनाएं विज्ञान, पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, आर्थिक ज्ञान, कृषि, उद्योग और व्यापार। राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम, प्राकृतिक आपदाएँ, राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम और सरकार की परियोजनाएँ से क्वेश्चंस पूछे जाते है।
  5. General studies 3:–इसमें आपसे भारत में आर्थिक नियोजन की समझ प्रमुख फसलें और सिंचाई के प्रकार । खाद्य प्रसंस्करण उद्योग भूमि सुधार । विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारतीयों के समझौते। आपदाओं की घटना के कारण सुरक्षा चुनौतिया भारत की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे । अर्थव्यवस्था के बारे में विशेष जागरूकता। से क्वेश्चंस पूछे जाते है।
  6. General studies 4:–इसमें आपसे नीतिशास्त्र एवं मानवीय सह-संबंध भारत की सिविल सेवा के लिए आवश्यक योग्यता और मूलभूत मूल्य भावनात्मक बुद्धि । शासन में ईमानदारी । उपर्युक्त मामलों पर केस अध्ययन। से क्वेश्चंस पूछे जाते है
  7. Optional subjects 1
  8. Optional subjects 2

Interview syllabus:–जब आप लिखित परीक्षा में सफल हो जाते है तो इसके बाद आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है इसमें आपको एक पैनल के सामने इंटरव्यू देना होता है व इसमें आपको आपके प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते है जब आप इन तीनो चरणों को पूरा कर लेते है

तो इसके बाद आपको फिजिकल और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाता है व इसके बाद एक मेरिट जारी की जाती है इसमें कैंडिडेट के अंको के आधार पर इन्हे अलग अलग रैंक दी जाती है व रैंक के अनुसार आपका इस पोस्ट के लिए चयन किया जाता हैं

झारखंड में DFO officer का सैलरी कितना होता है? – DFO officer Salary in Jharkhand

आख़िर दफा officer इस की सैलरी कितनी होती है। तो आपकी जानकारी के लिए बता दे, जिला परिवहन कार्यालय के रूप में एक डीटीओ ऑफिसर का वेतन काफी अच्छा होता है मगर फिर भी औसतन लगभग 56000 से लेकर 70000 रुपये प्रतिमाह हो सकती है।

साथ ही ग्रेड भी राज्ये सरकार द्वारा अन्य सभी भाती एवं सुविधा प्रोवाइड कराई जाती है। यदि देखा जाये तो एक डीटीओ ऑफिसर के रूप में बहुत ही अच्छी सैलरी मिलती है।

झारखंड में DFO Officer का कार्य क्या होता है? – DFO Officer work in hindi

DFO अपने वन प्रभाग में होने वाले अवैध पेड़ पौधो की कटाई को रोकने और वन सम्पदा की रक्षा करने का भी कार्य करते है। DFO वन अधिनियम के तहत जिला स्तरीय समिति का सदस्य होता है। वह सरकारी विभागों के वन्य भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही पर जिम्मेदारी के साथ नजर भी रखता है।

DFO वन अधिनियम के तहत एक अर्ध न्यायिक अफसर के रूप में किसी मामले पर फैसला भी सुना सकता है और इस फैसले को सिर्फ सत्र न्यायालय में ही चुनौती दी जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति अपने घर में वन उपज से जुड़े अवैध चीजों को रखता है तो DFO उन व्यक्ति के खिलाफ सर्च वारंट भी जारी कर सकता है।

               

 conculsion

मैं इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बताया कि झारखंड में डीएम ऑफिसर (DFO officer Kaise Bane) पूरी जानकारी और DTO officer क्या होता है क्या क्वालिफिकेशन क्या सिलेबस होता है किस तरह का एग्जाम पैटर्न होता है और क्या सैलरी होती है इन सभी चीजों के बारे में इस आर्टिकल में जिक्र किया हूँ तो आप यह आर्टिकल पढ़कर कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं और DTO ऑफिसर के बारे में इससे संबंधित और कुछ जानकारी कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते है।

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